गोरखपुर में आज इस रेट पर बिकनी चाहिए सब्जियां, आ रहीं ओवरेटिंग की शिकायतें
कोरोना से बचाव के लिए देश भर में लागू लॉकडाउन बीच गोरखपुर में प्रशासन ने खाने-पीने की जरूरी चीजों और सब्जियों की डोर टू डोर बिक्री और होम डिलीवरी की व्यवस्था की है। लेकिन क्या यह व्यवस्था पूरी तरह कारगर है? लोग इसे लेकर सवाल उठा रहे हैं क्योंकि कीमतों के मामले में मनमानी रुक नहीं रही है।
प्रशासन रोज अपनी रेट लिस्ट जारी कर रहा है लेकिन लोगों को हर चीज के लिए इस लिस्ट में अंकित रेट से 10 से 20 रुपए ज्यादा खर्च करने पड़ रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कोरोना से बचाव के लिए 21 दिन का लॉकडाउन लगाया है। शुरुआती दिनों में ही कीमतों को लेकर ये मनमानी लोगों को डरा रही है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या आने वाले दिनों में चीजें और महंगी होती चली जाएंगी?
इस डर से लोग जरूरत न होते हुए भी चीजें खरीद कर रख रहे हैं।
अपीलों का असर नहीं पड़ रहा है। लोग घरों में सामान जमा कर रहे हैं। ऐसे में उपाय क्या है। प्रशासन कह रहा है कि कहीं से भी ओवररेटिंग की शिकायत मिली तो सख्त कार्रवाई की जाएगी लेकिन गली-गली से ऐसी शिकायतें आ रही हैं। लोग वाट़सएप संदेश भेजकर मीडिया और प्रशासन को बता रहे हैं लेकिन मनमानी रुक नहीं रही है।